पवन पुत्र बजरंगबली महावीर हनुमान
बल बुद्धि विद्या देहूं मोहि दूर करो अभिमान
बालापन में सूर्य को समझ के तुम फल लाल
भूख लगी अपने मुख में लिए पकड़ के डाल
केसरी के तुम राज दुलारे माँ अंजनी के लाल
ग्यारहवें रूद्र हैं शिवजी के जिनसे डरता काल
साधु संत के रखवाले प्रभु राम के दास
तेरे द्वार से भक्त कभी जाते नहीं नीरास
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
मंगल को जन्मे मंगल करते मंगलमय भगवान
मनोकामना भक्तों की पूर्ण करें हनुमान
असुर निकंदन जग करे वंदन तीनों लोक गुण गाय
सिया राम के भक्तों पे रहते सदा सहाय
सारी समस्या का प्रभु करते हैं समाधान
सबके संकट दूर करें बलशाली हनुमान
बालापन में देवों से पाए तुम वरदान
तुम समान इस श्रृष्टि में कोई नहीं बलवान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
तंत्र मन्त्र जादू टोना असर न करने पाय
नाम लेते हनुमान का डर से दूर भगाय
हनुमान चालीसा का पाठ करो मन लाय
इक्कीस दिन पुरे होते मन चाहा फल पाय
सच्चे दिल से जो जपे हनुमान का नाम
हनुमान की कृपा से बनते बिगड़े काम
सिन्धु तट सारी सैना मान गई जब हार
जय श्री राम बोलके किये समंदर पार
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
4.०७
बजरंगी की कृपा से दुर्बल हो बलवान
रण में शत्रु को जीते बोलके जय हनुमान
पंचमुखी हनुमान का जो भी धरे नित ध्यान
रोग मिटे तन स्वस्थ हो सदा होत कल्याण
एक हाथ में बज्र है दूजे पताका लाल
जो तेरा सुमिरन करे हो जाये खुशहाल
धर्म की रक्षा सदा करे करते अधर्म का नाश
शनि भी उसका क्या करे जिसपे तेरा हाथ
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
नवग्रह भी तेरे डर से रहते सदा भयभीत
जिसके संग तुम रहते हो उसकी होती जीत
बन्दी भी मुक्ति पाये पढ़े जो बजरंग बाण
जीत होती हर क्षेत्र में धरते कपि का ध्यान
पाँव खडाऊ धारण करते तन पे लंगोटा लाल
काँधे मूंज जनेऊ है रूप अति विकराल
सिने में रामायण है रोम रोम में राम
अमर हुए हनुमान जी लेके राम का नाम
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
चालीसा जो भी पढ़े श्रद्धा से सिर लाय
घर में धन की बृद्धि हो तन में न रोग समाय
मेघनाथ ने जब मारा लखन को शक्ति बाण
वैध सुसेन को लंका से लाके बचाए प्राण
तन मन धन हनुमान को अर्पित करके देख
दुःख दरिद्र सब दूर हो मिटे करम का लेख
जय श्री राम को बोलके उड़े कपि आकाश
सिन्धु पार कर जा पहुंचे सिन्धु सुता के पास
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
मंगलवार को लड्डू का जो भी भोग लगाय
सुख शांति वैभव मिले कष्ट दूर हो जाय
बजरंगी के मन्त्र का जो भी करते जाप
बिगड़े भाग्य संवर जाए मिटे शोक संताप
हनुमान की प्रतिमा पर जो सिंदूर चढ़ाय
हनुमान की कृपा से जीवन सफल हो जाय
संत महात्मा और संजय कहते वेद पुराण
कलयुग में रक्षा करे कष्टों से हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
बल बुद्धि विद्या देहूं मोहि दूर करो अभिमान
बालापन में सूर्य को समझ के तुम फल लाल
भूख लगी अपने मुख में लिए पकड़ के डाल
केसरी के तुम राज दुलारे माँ अंजनी के लाल
ग्यारहवें रूद्र हैं शिवजी के जिनसे डरता काल
साधु संत के रखवाले प्रभु राम के दास
तेरे द्वार से भक्त कभी जाते नहीं नीरास
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
मंगल को जन्मे मंगल करते मंगलमय भगवान
मनोकामना भक्तों की पूर्ण करें हनुमान
असुर निकंदन जग करे वंदन तीनों लोक गुण गाय
सिया राम के भक्तों पे रहते सदा सहाय
सारी समस्या का प्रभु करते हैं समाधान
सबके संकट दूर करें बलशाली हनुमान
बालापन में देवों से पाए तुम वरदान
तुम समान इस श्रृष्टि में कोई नहीं बलवान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
तंत्र मन्त्र जादू टोना असर न करने पाय
नाम लेते हनुमान का डर से दूर भगाय
हनुमान चालीसा का पाठ करो मन लाय
इक्कीस दिन पुरे होते मन चाहा फल पाय
सच्चे दिल से जो जपे हनुमान का नाम
हनुमान की कृपा से बनते बिगड़े काम
सिन्धु तट सारी सैना मान गई जब हार
जय श्री राम बोलके किये समंदर पार
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
4.०७
बजरंगी की कृपा से दुर्बल हो बलवान
रण में शत्रु को जीते बोलके जय हनुमान
पंचमुखी हनुमान का जो भी धरे नित ध्यान
रोग मिटे तन स्वस्थ हो सदा होत कल्याण
एक हाथ में बज्र है दूजे पताका लाल
जो तेरा सुमिरन करे हो जाये खुशहाल
धर्म की रक्षा सदा करे करते अधर्म का नाश
शनि भी उसका क्या करे जिसपे तेरा हाथ
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
नवग्रह भी तेरे डर से रहते सदा भयभीत
जिसके संग तुम रहते हो उसकी होती जीत
बन्दी भी मुक्ति पाये पढ़े जो बजरंग बाण
जीत होती हर क्षेत्र में धरते कपि का ध्यान
पाँव खडाऊ धारण करते तन पे लंगोटा लाल
काँधे मूंज जनेऊ है रूप अति विकराल
सिने में रामायण है रोम रोम में राम
अमर हुए हनुमान जी लेके राम का नाम
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
चालीसा जो भी पढ़े श्रद्धा से सिर लाय
घर में धन की बृद्धि हो तन में न रोग समाय
मेघनाथ ने जब मारा लखन को शक्ति बाण
वैध सुसेन को लंका से लाके बचाए प्राण
तन मन धन हनुमान को अर्पित करके देख
दुःख दरिद्र सब दूर हो मिटे करम का लेख
जय श्री राम को बोलके उड़े कपि आकाश
सिन्धु पार कर जा पहुंचे सिन्धु सुता के पास
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
मंगलवार को लड्डू का जो भी भोग लगाय
सुख शांति वैभव मिले कष्ट दूर हो जाय
बजरंगी के मन्त्र का जो भी करते जाप
बिगड़े भाग्य संवर जाए मिटे शोक संताप
हनुमान की प्रतिमा पर जो सिंदूर चढ़ाय
हनुमान की कृपा से जीवन सफल हो जाय
संत महात्मा और संजय कहते वेद पुराण
कलयुग में रक्षा करे कष्टों से हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
भक्तों में ऊँचा जिनका नाम
जय हनुमान जय हनुमान
SONG LINK:
https://www.youtube.com/watch?v=a1BgNNG8tWQ
KARAOKE SONG LINK:
https://www.youtube.com/watch?v=szBBTZoV2CU
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