आज मंगलवार है, महावीर का वार है सचे ,यह सच्चा दरबार है
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
चैत सुदी पूनम मंगल का
जन्म वीर ने पाया है, जन्म वीर ने
पाया है-2
लाल लंगोट गदा हाथ में, सिर पर मुकुट सजाया है, सिर पर मुकुट सजाया है-2
शंकर का अवतार है, महावीर का वार है,
लाल लंगोट गदा हाथ में, सिर पर मुकुट सजाया है, सिर पर मुकुट सजाया है-2
शंकर का अवतार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार
है, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है…
ब्रह्माजी के
ब्रह्म ज्ञान का फल भी तुम ने पाया है, फल
भी तुमने पाया है-2
राम काज शिव शंकर ने वानर का रूप धरया है, वानर का रूप धारया है-2
लीला अपारम्पार है, महावीर का वार है,
राम काज शिव शंकर ने वानर का रूप धरया है, वानर का रूप धारया है-2
लीला अपारम्पार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार
है, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है
बालापन में
महावीर ने हरदम ध्यान लगाया है, हरदम
ध्यान लगाया है-2
श्रंप दिया ऋषियों ने तुम को, ब्रह्म ध्यान लगाया है, ब्रह्म ध्यान लगाया है-2
राम रामा रार है, महावीर का वार है
श्रंप दिया ऋषियों ने तुम को, ब्रह्म ध्यान लगाया है, ब्रह्म ध्यान लगाया है-2
राम रामा रार है, महावीर का वार है
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार
है, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है
राम जन्म हुआ
अयोध्या में कैसा नाच नचाया है, कैसा
नाच नचाया है-2
कहा राम ने लक्ष्मण से यह वानर मन को भाया है, यह वानर मन को भाया है-2
राम चरण से प्यार है महावीर का वार है
कहा राम ने लक्ष्मण से यह वानर मन को भाया है, यह वानर मन को भाया है-2
राम चरण से प्यार है महावीर का वार है
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार
है, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है
पंचवटी से
माता को जब रावण लेकर आया है, जब
रावण लेकर आया है-2
लंका में जाकर तुमने माता का पता लगाया है, माता का पता लगाया है-2
आख्शार कुमार है, महावीर का वार है,
लंका में जाकर तुमने माता का पता लगाया है, माता का पता लगाया है-2
आख्शार कुमार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार
है, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है
मेघनाथ ने
ब्रह्म पाश में तुमको आन फँसाया है, तुमको
आन फँसाया है-2
ब्रह्मपाश में फँसकरके के ब्रह्मा का मान बढ़ाया है,ब्रह्मा का मान बढ़ाया है-2
बज्रंगी वा की मार है, महावीर का वार है,
ब्रह्मपाश में फँसकरके के ब्रह्मा का मान बढ़ाया है,ब्रह्मा का मान बढ़ाया है-2
बज्रंगी वा की मार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार
है, महावीर का वार है, यह सच्चा दरबार है
लंका जलाई
आपने जब रावण भी घबराया है, जब
रावण भी घबराया है-2
श्रीराम लखन को आकरके माँ का संदेश सुनाया है, माँ का संदेश सुनाया है-2
सीता शौक अपार है, महावीर का वार है,
श्रीराम लखन को आकरके माँ का संदेश सुनाया है, माँ का संदेश सुनाया है-2
सीता शौक अपार है, महावीर का वार है,
सच्चे मन सो जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है
आज मंगलवार है, महावीर का वार है सचे ,यह सच्चा दरबार है
आज मंगलवार है, महावीर का वार है सचे ,यह सच्चा दरबार है
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